हेल्लो फ्रेंड्स
hindi c++ learn guide
Sunday, 27 August 2017
हेल्लो फ्रेंड्स
आज मैं आप सभी को बताऊंगा की c++ लैंग्वेज मैं हैडर फाइल किसे कहतें हैं और कैसे हम उन्हें उपयोग कर सकतें है और उसके क्या function उपयोग किया जाता हैं
Header Files in C: ”सी” भाषा में विभिन्न प्रकार के कामों को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के Functions को Use किया जाता है। c++ loanguage Compiler के साथ हमें Functions की पूरी एक Library प्राप्त होती है, जिसमें ढेर सारे Built–In Functions हैं। c++ विभिन्न प्रकार के Functions को उनके काम करने की प्रकृति के आधार पर विभिन्न प्रकार की Files में Define या परिभाषित किया गया है।प्रोग्रामिंग Functions की इन Files को ही “C” भाषा में Header File कहा जाता है।
और हम जिस किसी भी Function को Use करना चाहते हैं, हमें उससे सम्बधिंत Header File को #include शब्द के साथ प्रोग्राम में जोडना पडता है। जैसे Input/Output से सम्बन्धित सारे Functions stdio.h नाम की Header File में होते हैं। अतः हमें अपने हर सी प्रोग्राम में इस Header File को #include Code द्वारा Link करना जरूरी होता है। यदि हम एसा नहीं करते हैं, तो हमें Input व Output की सुविधा प्राप्त नहीं होती है। यानी हम हमारे Program में Keyboard से कोई Input नहीं ले सकते न ही हमारा Program Output के रूप में Screen पर कोई Output Display कर सकता है।
इसी तरह से हमें आउटपुट स्क्रीन पर दिखाई दे रहे पिछले Program के विभिन्न Statements को साफ करके Screen को Clear करना है, तो clrscr() Function को Use करना होता है, जो कि conio.h नाम की Header File में Defined है, अतः हमें हमारे प्रोग्राम में इस Header File को #include Code द्वारा Link करना पडेगा।
Header Files को Header File इसलिए कहा जाता है, क्योंकि ये Files किसी भी Source File के Head में यानी सबसे Top पर व सबसे पहले Include की जाती हैं।
किसी भी Header File को प्रोग्राम में जोडने के लिये # के साथ include Keyword लगाया जाता है। फिर < > के चिन्हों के बीच में उस Header File का नाम लिखा जाता है, जिसे प्रोग्राम में जोडना होता है। इनको Declare करने का Syntax निम्नानुसार होता है-
Header Files in C - Hindi
Header Files in C – Hindi
Read also: WordPress Core Files
Header Files C/C++ Programming में अपना काफी महत्वपूर्ण Role Play करते हैं क्योंकि इनके माध्यम से ही C/C++ जैसी Programming Languages में Code Reusability सम्भव हो पाती है। अत: Header Files से सम्बंधित विभिन्न प्रकार के Concepts को बेहतर तरीके से समझने व उपयोग में लेने के लिए आप C Programming Language in Hindi पुस्तक पढ सकते हैं, जो कि इन Special Concepts को समझने के लिहाज से आपके लिए निश्चित रूप से काफी उपयोगी साबित होगी। (Header Files in C)
आज मैं आप सभी को बताऊंगा की c++ लैंग्वेज मैं हैडर फाइल किसे कहतें हैं और कैसे हम उन्हें उपयोग कर सकतें है और उसके क्या function उपयोग किया जाता हैं
Header Files in C: ”सी” भाषा में विभिन्न प्रकार के कामों को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के Functions को Use किया जाता है। c++ loanguage Compiler के साथ हमें Functions की पूरी एक Library प्राप्त होती है, जिसमें ढेर सारे Built–In Functions हैं। c++ विभिन्न प्रकार के Functions को उनके काम करने की प्रकृति के आधार पर विभिन्न प्रकार की Files में Define या परिभाषित किया गया है।प्रोग्रामिंग Functions की इन Files को ही “C” भाषा में Header File कहा जाता है।
और हम जिस किसी भी Function को Use करना चाहते हैं, हमें उससे सम्बधिंत Header File को #include शब्द के साथ प्रोग्राम में जोडना पडता है। जैसे Input/Output से सम्बन्धित सारे Functions stdio.h नाम की Header File में होते हैं। अतः हमें अपने हर सी प्रोग्राम में इस Header File को #include Code द्वारा Link करना जरूरी होता है। यदि हम एसा नहीं करते हैं, तो हमें Input व Output की सुविधा प्राप्त नहीं होती है। यानी हम हमारे Program में Keyboard से कोई Input नहीं ले सकते न ही हमारा Program Output के रूप में Screen पर कोई Output Display कर सकता है।
इसी तरह से हमें आउटपुट स्क्रीन पर दिखाई दे रहे पिछले Program के विभिन्न Statements को साफ करके Screen को Clear करना है, तो clrscr() Function को Use करना होता है, जो कि conio.h नाम की Header File में Defined है, अतः हमें हमारे प्रोग्राम में इस Header File को #include Code द्वारा Link करना पडेगा।
Header Files को Header File इसलिए कहा जाता है, क्योंकि ये Files किसी भी Source File के Head में यानी सबसे Top पर व सबसे पहले Include की जाती हैं।
किसी भी Header File को प्रोग्राम में जोडने के लिये # के साथ include Keyword लगाया जाता है। फिर < > के चिन्हों के बीच में उस Header File का नाम लिखा जाता है, जिसे प्रोग्राम में जोडना होता है। इनको Declare करने का Syntax निम्नानुसार होता है-
Header Files in C - Hindi
Header Files in C – Hindi
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Header Files C/C++ Programming में अपना काफी महत्वपूर्ण Role Play करते हैं क्योंकि इनके माध्यम से ही C/C++ जैसी Programming Languages में Code Reusability सम्भव हो पाती है। अत: Header Files से सम्बंधित विभिन्न प्रकार के Concepts को बेहतर तरीके से समझने व उपयोग में लेने के लिए आप C Programming Language in Hindi पुस्तक पढ सकते हैं, जो कि इन Special Concepts को समझने के लिहाज से आपके लिए निश्चित रूप से काफी उपयोगी साबित होगी। (Header Files in C)
हेल्लो फ्रेंड्स
आज मैं आप सभी को बताऊंगा की string किसे कहतें हैं तो फ्रेंड्स आज का टॉपिक शुरू करने से पहले आप सभी को बता दू की यदि आप ने मेरे द्वारा क्रिएट पिछले ब्लॉग नहीं पढ़े हैं तो आप उन्हें आप पढ़ ले जिससे की आप का concept और परसनी भी दूर हो जायेगी so lets start
आज मैं आप सभी को बताऊंगा की string किसे कहतें हैं तो फ्रेंड्स आज का टॉपिक शुरू करने से पहले आप सभी को बता दू की यदि आप ने मेरे द्वारा क्रिएट पिछले ब्लॉग नहीं पढ़े हैं तो आप उन्हें आप पढ़ ले जिससे की आप का concept और परसनी भी दूर हो जायेगी so lets start
string variables and constant
String Variables
तो String Characters का एक बिलकुल ऐसा समूह होता है जिसका अन्तिम Character एक Null Character या 0 होता है।हमें string Character के रूप में इस Null Value को ‘\0’ के रूप में दर्शाया जा सकता है। इस Null Character का प्रयोग करके हम किसी String का अन्त बताते हैं तब हमें किसी और Variable की आवश्यकता नहीं होती है जो किसी String की Length को Specify करे यानि के उसमे उपयोग सभी charactor को जाचे जैसाकि हमने Employee Class के Program में एक Integer Variable n का प्रयोग करके किया था।
जैसा की string c++ और जावा मैं भी उपयोग की जाती हैं और इनका उपयोग भी अलग अलग होता हैं
हम ज्यादातर तो char का ही उपयोग string मैं करतें हैं पर int का बहुत ही कम उपयोग होता हैं अन्य Variables की तरह ही String भी ch का एक variable होता है। char के साथ इसे Create करते समय हम चाहें तो इसे अन्य Variables की तरह Initialize भी कर सकते हैं और यदि हम चाहें तो इसे बिना initializeकिए भी Create कर सकते हैं। हम निम्नानुसार किसी String को Declare कर सकते हैं: इसका ex
char string(80);
ये Statement एक 80 Characters तक की String को Hold कर सकता है।हमारा जब ये Statement Execute होता है तब इसके किसी भी Element पर कोई मान नहीं होता है।और एक String Variable को हम किसी भी Size का Declare कर सकते हैं। और String की Size हमारी आवश्यकता पर निर्भर करती है।
जब हम कोई String Store करने के लिए कोई Variable Create करते हैं तो उस Variable को Create करते समय उसे अन्य Basic Type के Variables की तरह निम्नानुसार Initialize भी कर सकते हैं। जैसे:
char name[10] = { ‘K’, ’u’, ’l’, ‘d’, ‘e’, ‘e’, ‘p’, ‘\0’ };
किसी String को Initialize करने का यही तरीका है। इस तरह से Initialize करना काफी Inefficient लगता है। इसलिए हम इस String को निम्नानुसार Statement द्वारा भी Initialize कर सकते हैं:
char name[20] = “vishwas anuj”;
यहां हमें Double Quote का प्रयोग करना जरूरी होता है। इस तरह से Characters का एक Sequence जो कि Double Quotes के बीच हो String Constants कहलाता है। हालांकि हम इस String में Null Character नहीं देख सकते हैं लेकिन “C++“ का Compiler इस Null Character को Automatically Insert कर लेता है। साथ ही इस String में केवल 7 Characters हैं लेकिन String की Length 8 Bytes है क्योंकि एक Character Null Value के लिए होता है। इसलिए हमें हमेंशा हमारी आवश्यकता से एक अधिक Size का Characters प्रकार का Array String Store करने के लिए लेना होता है। जैसे:
char name[7] = “Kuldeep”;
ये Statement ठीक नहीं है क्योंकि Null Character के लिए स्थान नहीं है। ऐसे में String का अन्तिम Character Null Character से Replace हो जाएगा और हमें String से केवल “Kuldee” ही प्राप्त होगा। इस Statement के स्थान पर हमें निम्नानुसार Statement लिखना होगा:
char name[8] = “Kuldeep”;
जब हम किसी String को Creation के समय ही Initialize करना चाहते हैं और तब हमें String की Size Define करने की आवश्यकता नहीं होती है।हमारे कंप्यूटर मैं “C++” का Compiler String की Size को स्वयं ही Calculate कर लेता है। जैसे हम उपरोक्त Statement को निम्नानुसार भी लिख सकते हैं:
char name[] = “Kuldeep”;
जब हम किसी String को Program के Run Time में किसी Variable में Store करना चाहते हैं तब हमें एक समस्या का सामना करना पडता है। जैसे निम्न Statements देखिए:
फिलहाल तो दोस्तों इस Function में हमें दो देने होते हैं: पर Argument उस Variable का नाम होता है, जिसमें String को Store करना है और दूसरा Argument उस String Variable की Size Specify करता है। तो हमने Array की Size 20 रखी है,और इसलिए इस Function में दूसरे Argument के रूप में 20 Specify किया है और हम Input किए जाने वाले नाम को name नाम के Variable में Store करना चाहते हैं, इसलिए पहले Argument के रूप में हमने name लिखा है। अब यदि हम String में Space का प्रयोग करते हैं तो वह Space भी Variable में Store हो जाता है। यानी हम पूरा नाम name नाम के Character प्रकार के Array में Store कर सकते हैं।और program बना सकतें हैं
तो फ्रेंड्स यदि आप को मरे ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो प्लीज लिखे ज़रूर करे और इससे संबधित कोई भी परसनी आ रही हो तो आप मुझसे कमेंट बॉक्स मैं comment करके पूछ सकतें हो
धन्यबाद
Friday, 28 July 2017
break and continue statement क्या होते हैं
हेल्लो फ्रेंड्स
break and continue statement क्या होते हैं
break and continue statement क्या होते हैं
loop क्या होते हैं इसके कितने प्रकार हैं
हेल्लो फ्रेंड्स
आज मैं आप सभी को बताऊंगा की loop किसे कहतें हैं
आज मैं आप सभी को बताऊंगा की loop किसे कहतें हैं
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हेल्लो फ्रेंड्स
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hello friends आज मैं आप सभी को बताऊंगा की c लैंग्वेज मैं आखिरकार header files क्या होती हैं
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feature ऑफ़ c हेल्लो friends आज मैं आप लोगो को बताऊंगा की c language के featurs क्या हैं general perpose programing language...
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हेल्लो फ्रेंड्स आज का हमारा टॉपिक हैं